एक वर्ग ऐसा है जौ आज जश्न नही मना सकता वो है पत्रकार आइए करेंगे नैतिकता पर चर्चा
एक वर्ग ऐसा है जौ आज जश्न नही मना सकता
वो है पत्रकार आइए करेंगे नैतिकता पर चर्चा

आज पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा है भारत सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने हजारों करोड़ रूपये खर्च क़र हर घर तिरंगे अभियान का जश्न मनाया जा रहा है
ज़ब जश्न है तो खुशियाँ भी होंगी
ही
लेकिन नही????
एक वर्ग ऐसा है जौ आज जश्न नही मना सकता
वो है पत्रकार
उसे उसकी मेहनत का हक नही मिलता
सरकारी विभागो में समय पर भुगतान नही होता
सरकारी सुविधाए हर साल घोषणाओ में सिमट जाति है
हर साल आवास मिलते है लेकिन केवल कागजो में
आखिर क्यो
सरकार ने पत्रकारों के साथ भेदभाव क़र रही है
आरज़ीएचएस के मिलते जुलते नाम में आरजेएचएस योजना सै जोड़ने का केवल दावा किया जा रहा है जबकी आंगनवाडी कार्यकर्ता संविदा कर्मचारी को आरजीएसएस सुविधा दें रही है तो हमारे साथ ये भेदभाव क्यो??
नेता एड तो देते है लेकिन समय पर भुगतान नही करते ओर तो ओर एक प्रदेश स्तर का नेता तो कई पत्रकारों के बिलो के पेसें तक डकार गया
क्या आप दूध की थैली मार्किट रेट सै एक रुपया कम करवा सकते है क्या किसी दुकानदार या बूथ संचालक दूध की थैली में एक रपया कम ख़र्च क़र सकता है
क्या कोई दुकानदार एक महीने की उधारी में दूध उधार दें सकता है?????
तो हमें हमारी मेहनत की कमाई के एड का पूरा पैसा क्यो नही मिलता हर आदमी पैसा डकारने का काम क़र रहा है.
हर साल पाली जिले में कई एड एजेंसीया करोड़ों का दिवाला निकालती है. कारण सिर्फ ओर सिर्फ हमारी एकता का नही होना
सभी सुधी पाठको सै निवेदन है की किसी भी श्रमजीवी पत्रकार के एड का पैसा नही खाए यही उसकी आजीविका का आधार है. मेहनत की कमाई है इसी सै उसके घर का चूल्हा बच्चों की फीस बुजुर्गो की दवाई सभी इसी सै आती है
आप सभी जश्ननें आजादी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाए